Award
पुरस्कार

नगर राजभाषा कार्यान्व्यन समिति (उत्तरी दिल्ली) द्वारा राजभाषा में किये गए कार्यों के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार

केंद्र के निदेशक एवं अध्यक्ष, राजभाषा कार्यान्व्यन समिति के अध्यक्ष डा. एच. आर. सरदाना को नगर राजभाषा कार्यान्व्यन समिति (उत्तरी दिल्ली) द्वारा किसानों के लिए राजभाषा में प्रकाशित प्रकाशनों व उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए 22 जून 2018 को एनएएससी परिसर में डा. ए. के. श्रीवास्तव, अध्यक्ष कृ.वै.च.मं, भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद व नराकास (उत्तरी दिल्ली) की अध्यक्षता व श्री प्रमोद कुमार शर्मा, उपनिदेशक, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय की उपस्थिति में आयोजित बैठक में छोटे कार्यालयों की श्रेणी में द्वारा छोटे संस्थानों की श्रेणी में प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया |

डॉ डी बाप रेड्डी मेमोरियल अवार्ड बायनियम 2016-2018 के लिए

20 अप्रैल 2018 को एनआईपीएचएम, हैदराबाद में प्लांट प्रोटेक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा समेकित नाशीजीवी प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए डॉ एस वेण्णिला को सम्मानित किया गया।

नगर राजभाषा कार्यान्व्यन समिति (उत्तरी दिल्ली) द्वारा राजभाषा में किये गए कार्यों के लिए प्रथम पुरस्कार

केंद्र के निदेशक एवं अध्यक्ष, राजभाषा कार्यान्व्यन समिति के अध्यक्ष डा. डी बी आहूजा को नगर राजभाषा कार्यान्व्यन समिति (उत्तरी दिल्ली) द्वारा किसानों के लिए राजभाषा में प्रकाशित प्रकाशनों व उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए 30 जून 2017 को एनएएससी परिसर में डा. वी एन शारदा, अध्यक्ष कृ.वै.च.मं, भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद व नराकास (उत्तरी दिल्ली) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में छोटे कार्यालयों की श्रेणी में श्री संदीप आर्य, निदेशक, तकनीकी/ कार्यान्व्यन और श्री प्रमोद कुमार शर्मा, उपनिदेशक, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा छोटे संस्थानों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया |

पादप संरक्षण विज्ञान सोसायटी का स्वर्गीय श्री पी.पी. सिंघल जी पुरस्कार 2017

कीट विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ डी.बी. आहूजा, निदेशक, आईसीएआर-एनसीआईपीएम, 17 फरवरी 2017 को यूबीकेवीवी, कूचबिहार में सम्मानित किया गया ।

वर्ष 2015-16 के लिए सर्वश्रेष्ठ वार्षिक रिपोर्ट

डॉ डी बी आहूजा, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.-राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान को वर्ष 2015-16 के लिए सर्वश्रेष्ठ वार्षिक रिपोर्ट पुरस्कार मिला। यह पुरस्कार 14.2.2017 को भा.कृ.अनु.प. निदेशकों और कुलपति सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में माननीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने दिया । (विवरण देखें)

राजश्री टंडन पुरस्कार

भा.कृ.अनु.प.-राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान को ‘क’ क्षेत्रों में छोटे संस्थानों की सूचि में किसानो के लिए हिन्दी में किये गए उत्कृष्ट कार्यों जैसे किसानो के लिए कृषि के क्षेत्र में प्रसार पत्रक, साहित्य, समेकित नाशीजीव प्रबंधन के लिए पुस्तकों के प्रकाशन व प्रतिवेदन के लिए "राजश्री टंडन” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 88 वे स्थापना दिवस के अवसर पर माननीय केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, श्री परशोत्तम रुपाला के कर कमलो द्वारा यह पुरस्कार केन्द्र के निदेशक डा डी बी आहुजा को प्रदान किया गया|

पादप संरक्षण विज्ञान सोसायटी का स्वर्गीय श्री पी.पी. सिंघल जी पुरस्कार 2015

23 अप्रैल 2015 को एमपीयूएटी, उदयपुर में डॉ एस वेन्निला को कीट विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया ।

वर्ष 2012-13 में क्रॉपसैप के लिए लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार

नौवीं सीविल सेवा दिवस के अवसर पर प्रशासनिक सुधर लोक शिकायत विभाग द्वारा आयोजित एक समरोह में विज्ञानं भवन, नई दिल्ली में फसल कीट निगरानी और सलाहकार परियोजना के लिए (CROPSAP महाराष्ट्र ) के लिए कृषि आयुक्तालय, पुणे (महाराष्ट्र) द्वारा 21 अप्रैल 2015 को वर्ष 2012-13 के लिए लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया| इस पुरस्कार की संगठात्मक श्रेणी में राज्य कृषि विभाग के हितधारक, एनसीआईपीएम, नई दिल्ली, सीआरआईडीए हैदराबाद; डीओएसआर, इंदौर; सीआईसीआर, नागपुर; आईआईपीआर, कानपुर; डा पीडीकेवी, अकोला; एमएयू, परभणी; एमपीकेवी, राहुर और बी एस केकेवी दापोली शामिल थे|

एम.के. पाटिल युवा वैज्ञानिक अवार्ड 2013

डा. सोमश्वर भगत, वरिष्ठ वैज्ञानिक को सम्मानीय एम. के. पाटिल सम्मान से भारतीय फायटो पैथोलोजिकल द्वारा वर्ष 2013 के लिय पुरस्कृत किया गया|

क्रॉपसैप - 2012 के लिए राष्ट्रीय ई-शासन पुरस्कार

फसल कीट निगरानी और सलाहकार परियोजना (सीआरपीएसएपी) - महाराष्ट्र, कृषि, महाराष्ट्र के स्टेकहोल्डर एनसीआईपीएम, नई दिल्ली, सी आरआई डा हैदराबाद; डी ओ ए स आर, इंदौर; सी आई सी आर, नागपुर; आईआईपीआर, कानपुर; डा पीडीकेवी, अकोला; एमएयू, परभणी; एमपीकेवी, राहुरी को अभिनव परियोजना ई-गवर्नेंस पहल के लिए स्वर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

एंडेवर पोस्ट डॉक्टरल पुरस्कार फैलोशिप 2010

केंद्र की वैज्ञानिक डॉ सुमित्रा अरोड़ा को आरबीपीआर तकनीक का उपयोग करके "मिश्रण में कीटनाशकों के विषाक्तता के आकलन" के लिए छह महीने (अप्रैल 2010-अक्टूबर 2010) के लिए शिक्षा, रोजगार और कार्यस्थल संबंध विभाग, ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा एंडेवर पोस्ट डॉक्टरल पुरस्कार फैलोशिप 2010 से सम्मानित किया गया।

स्वामी शहजानंद सरस्वती प्रसार वैज्ञानिक/कार्यकर्ता सम्मान

इस केन्द्र के डॉ. पी. जेया कुमार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद , नई दिल्ली द्वारा प्रसार शिक्षा कार्यक्रमों को विकसित करने, कृषि प्रसार में नवीन शोधों व कृषक समुदाय हेतू कृषि प्रसार में नई तकनीकों व कार्यक्रम अपनाने हेतू द्धिवर्षीय पुरस्कार 2007-08 के लि प्रसार वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया । उन्होने हरियाणा के सिरसा जिले मे समेकित नाशीजीव प्रबंधन सहित समेकित प्रतिरोधी प्रबंधन में विस्तृत पैमाने पर एक नई व्यवहारिक पद्धति को प्रारंभ किया और बी.टी. कपास व आई. पी. प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समूचे देश में कार्यान्वित किया । यह सम्मान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थापना दिवस 16 जुलाई 2009 को नई दिल्ली में प्रदान किया गया ।

आई.सी.ए.आर. आउटस्टैंडिंग टीम अवार्ड 2005-2006 के लिए

हाल ही भारतीय कृषि अनुसंधान, नई दिल्ली द्वारा विभिन्न श्रेणियों के अन्तर्गत विभिन्न पुरस्कारो की घोषणा की गई । फसल सुधार के तहत इस केन्द्र की धान टीम ( डॉ. डी. के. गर्ग, डॉ. एम. डी. जेसवानी, डॉ. आर. के. तंवर, श्री विकास कवंर व श्री एस. पी.सिंह ) को इस प्रतिष्ठित पुरसकार के लिए चुना गया । यह पुरस्कार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस 16 जुलाई 2008 को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केन्द्र, नई दिल्ली में प्रदान किया गया । इस टीम में डॉ. वी. पी. सिंह (पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक, आनुवशिंकी विभाग, आई. आर. आई), डा. अशोक मेहता, निदेशक , बासमती निर्यात विकास प्राधिकरण(एपीडा) भी सम्मिलित है, जिन्होने बासमती धान में आई. पी. एम को लोकप्रिय बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।

कपास में आई. पी. एम. के लिए आई.सी. ए. आर. प्रतिष्ठित टीम द्विवार्षिक 2001-02 पुरस्कार

हाल ही भारतीय कृषि अनुसंधान, नई दिल्ली द्वारा विभिन्न श्रेणियों के अन्तर्गत उतकृष्ठ टीम पुरस्कारों की घोषणा की गई । फसल सुधार के तहत इस केन्द्र की कपास टीम (डॉ. अमेरिका सिंह, डॉ. ओ.एम. बम्बावाले, डॉ. ओ.पी. शर्मा. डॉ. आर . सी. लवेकर, डॉ. ए. दण्डापानी, डॉ. एस. एन. पुरी, डॉ. सी. डी. मायी, डॉ.एस.के. मुर्ति) को इस पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया ।

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